ज्वैलर्स के लिए ई-कॉमर्स स्टोर ग्राहक के साथ जुड़े रहने का साधन है

जो लोग कहते हैं कि ई-कॉमर्स स्टोर ज्वैलर्स के लिए ऑनलाइन बिक्री बढ़ाएगा वह आधा सच है।  केवल ब्रांड वैल्यू (विश्वनीयता) ,सर्विस और सुविधा  ही ज्वैलर्स के लिए ऑनलाइन बिक्री की राह आसान कर सकता हैं।  याद रखें कि आप अपने ऑफ़लाइन आभूषण स्टोर की स्थापना कैसे करते हैं?  ई-कॉमर्स स्टोर में भले ही थोड़ा कम समय लगे, लेकिन निश्चित रूप से आपको अपने संगठन में डिजिटल रूप से ग्राहकों की सेवा करने की संस्कृति और मानसिकता को समझने, बनाने के लिए बहुत सारे प्रयास करने होंगे।

 ई-कॉमर्स स्टोर क्यो?

ई-कॉमर्स स्टोर सर्व प्रथम एक मार्केटिंग और कस्टमर (एंगेजमेंट) से जुड़े रहने का  माध्यम है, जो 24x7x365 खुला है और ग्राहकों को आपके उत्पादन देखने की सुविधा प्रदान करता है।  न केवल आपके आसपास, बल्कि उन सभी के लिए जिन्हें आप वैश्विक रूप से जोड़ सकते हैं।  यह एक एकल डैशबोर्ड से कई अन्य विपणन और बिक्री उपकरण का उपयोग करने का एक माध्यम है, इसलिए आप अपने ग्राहकों के लिए सर्वव्यापी हो सकते हैं।

क्या हम बड़े ब्रांड्स को डिजिटल रूप से टक्कर दे सकते हैं?

छोटे और मध्यम ज्वैलर्स को  प्रासंगिक (सुसंगत) होने के लिए, उन्हें बड़े ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करनी होगी।  बिग चेन स्टोर्स को विज्ञापन पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है क्योंकि ब्रांड के प्रति उनके ग्राहकों की निष्ठा हर जगह मौजूद और दृश्यमान होती है।  छोटे से मध्यम ज्वैलर्स, पहले से ही ग्राहकों के साथ उस विश्वास और वफादारी का सीधा संबंध रखते हैं।  आपको केवल बड़े ब्रांडों से आगे रहने के लिए उनके अनुभव में सुविधा और सेवा को जोड़ना होगा।  ई-कॉमर्स रेडी स्टोर और अन्य उपकरण  आपको वह लाभ लेने में मदद मिलेगी।

अड़चन क्या है?

छोटे और मध्यम ज्वैलर्स के लिए एकमात्र बाधा, जो बड़े ब्रांडों के लिए एक वरदान है, वो उनका MINDSET है।  टेक्नोलॉजी में निवेश कई ज्वैलर्स को अनावश्यक खर्च लगता है।  जिस दिन वे निवेश पर रिटर्न देखना शुरू करते हैं, उन्हें क्षमता का एहसास होता है।  भले ही निवेश उनके शोरूम के आंतरिक और फर्नीचर की लागत से काफी कम है।  फिर भी ज्वैलर्स ऐसी किसी भी चीज में शामिल होने से बचते हैं जो उनके कम्फर्ट जोन से बाहर हो।  लेकिन उन्हें जल्द ही महसूस करना होगा कि परिवर्तन अनिवार्य है, और उन्हें उन प्रतियोगियों की तरह निपुण और तैयार होना चाहिए जो ग्राहक सुविधा और सेवा को अपने मुख्य फोकस के रूप में रखते हैं।

डिजिटल होने से बिक्री बढ़ेगी?

नहीं! डिजिटल जाने से आपको बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंफ्यूज ?  ज्वैलर्स को सुविधा और सेवा प्रदान करने के लिए डिजिटल जाने की जरूरत है, उनके ग्राहक मांग कर रहे हैं।  डिजिटल रूप से मौजूद होने के कारण केवल बड़े ब्रांड ही फायदा उठा रहे हैं और अपने ग्राहकों के लिए भी अनौपचारिक सुविधा जोड़ रहे हैं।  अगर आपको लगता है कि आपके ग्राहक डिजिटल फ्रेंडली नहीं हैं, तो आप खुद को बेवकूफ बना रहे हैं।  हर ग्राहक, चाहे वह युवान हो या वृद्ध, उच्च आय या कम आय वाला हो, श्रमिक हो या पेशेवर, गाँव मे हो या शहर में लगभग हर कोई स्मार्टफोन का उपयोग कर रहा है।  भारत में 122 करोड़ स्मार्टफोन हैं, जिससे आप समझ सकते हैं कि डिजिटल होना आभूषणों की सिर्फ ऑनलाइन बिक्री नहीं, बल्कि अपने ग्राहकों से ऑनलाइन रिश्ता बनाये रखने के लिए न केवल अपने इलाके में, बल्कि जहां भी आप वैश्विक स्तर पर ग्राहकों को जोड़ सकते हैं ।  आपको अंततः ऑनलाइन या ऑफलाइन बिक्री मिलेगी।

एक छोटी सी कंपनी के रूप में हम ये सब कैसे कर सकते हैं?

टेक्नोलॉजी की यही खुबी हैं की वह सबको समानता प्रदान करती है, जो बड़े ब्रांड कर सकते हैं वही आप कर सकते हैं, केवल तभी जब आप स्पष्ट रणनीति के साथ अपनी ऑनलाइन उपस्थिति बनाने के प्रयास करने के लिए तैयार हों।  सही डिजिटल पार्टनर के साथ जुड़कर, आप अपनी वेबसाइट, फेसबुक, गूगल, इंस्टाग्राम, पिंटरेस्ट, लिंक्डइन, ट्विटर, ईमेल, व्हाट्सएप, कॉल, वीडियो चैट, भुगतान, विश्लेषण और बहुत कुछ एक ही डैशबोर्ड से अपनी सभी टेक्नोलॉजी बना, प्रबंधित और कनेक्ट कर सकते हैं।  और जो आपके लिए ग्राहक और बिक्री जोड़ता है और आपको अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसी भी समय सुविधाजनक बनाने की शक्ति देता है।

उपभोक्ता (ग्राहक) के व्यवहार और मनोविज्ञान में तेजी से बदलाव के कारण, किसी भी बदलाव का सामना करने के लिए अगले दशक के लिए खुद को फिर से तैयार करने और फिर से मजबूत करने का यह सबसे अच्छा समय है।

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लेखक: करण जगानी, मुंबई के तनिका टेक ज्वेल्स प्राइवेट लिमिटेड में ज्वैलर्स 4.0 की दिशा में सशक्त और सक्षम बनाने के लिए टेक्नोलॉजी समाधान बना रहे हैं।

अनिवार्य परिवर्तन: ज्वैलर्स को कोविड युग को अपनाकर आगे बढ़ना होगा ।

(कई हिंदी भाषी ज्वैलर्स की माँग पर इसे हिंदी में अनुवाद कर फिर से प्रेषित कर रहे हैं।)

आभूषण उद्योग पिछले कई वर्षों से चुनौतियों का सामना कर रहा है जैसे एक्साइज टैक्स, डिमोनेटाइजेशन, जीएसटी, सोने के दामों में वृद्धि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा आदि । इन चुनौतियों से उबरने के लिए, ज्वैलर्स ने केवल डिस्काउंट्स, सेल, अधिक वॉल्यूम पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण अनावश्यक प्रतिस्पर्धा और पतले मार्जिन को बढ़ावा मिला है, जिसने व्यवसायों को अस्थिर और अलाभकारी बना दिया है। COVID लॉकडाउन ज्वैलर्स को 2 साल पीछे ले जाएगा, लेकिन इसने हमें अगले 10 वर्षों के लिए तैयार होने का का समय भी दिया है। हमें अपने व्यवसायों को संचालित करने में बड़े बदलाव की आवश्यकता होगी।

आधुनिक तकनीकों को अपनाना

टेक्नोलॉजीको अपनाना अब कोई विकल्प नहीं है, हर जौहरी को व्यापार में बने रहने के लिए और आगे बढ़ने के लिए नए प्रयोगों और तकनीक को अपनाना होगा, क्योंकि आज सभी स्तर के ग्राहक मोबाइल और तकनीक के जानकार हैं । इसी कारण कई उद्योग उन्हें अपने अनूठे प्रस्ताव के साथ अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं और खींच रहे हैं , जिससे जो पैसा आभूषणों को खरीदने या निवेश करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था वह अब वहां पर खर्च किया जा रहा है।

आधुनिक कंप्यूटर तकनीक का उपयोग केवल अकाउंट के रख रखाव, ईआरपी, ग्राहक सेवा आदि जैसी व्यावसायिक प्रक्रियाओं के प्रबंधन तक सीमित नहीं है, लेकिन आज, यह आपको बुद्धिमान डेटा प्रदान करता है जैसे कि आपके कौन से ग्राहक किस डिजाइन में रुचि रखते हैं, उनका बजट क्या है, कब वे कुछ खरीदने की सोच रहे हैं, कब उनके पास खरीदने के लिए पैसा होता है । आज कई प्रकार के उपकरण और संसाधन हैं जो कंपनियों को उन ग्राहकों को खोजने में मदद करता है जो खरीदना चाहते हैं या खरीद सकते हैं। बड़ी रकम खर्च किए बिना ऑटोमेशन और तकनीक का इस्तेमाल ज्वैलर्स को बड़े ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में, व्यापार में मजबूती के साथ टिके रहने और उसे बढ़ाने में सक्षम बनाएगी।

ग्राहको का वर्गीकरण एवं उन्हें जोड़े रखना

टेक्नोलॉजी की तरह, 90% से अधिक भारतीय ज्वैलर्स अपने ग्राहक के वर्गीकरण या सेगमेंटेशन और एंगेजमेंट स्ट्रैटेजी के साथ तैयार नहीं हैं। ज्यादातर ज्वैलर्स बिक्री बढ़ाने के लिए केवल ब्याह- शादी के ग्राहकों और डिस्काउंट्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ग्राहको का वर्गीकरण सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है जो आपको उन ग्राहकों की पहचान करने में मदद करता है जिन पर आपको ध्यान केंद्रित करना है और उनके साथ जुड़ना है। अगर ज्वैलर्स केवल शादियों पर ध्यान केंद्रित करना है, तो साथ ही उन्हें दूल्हा-दुल्हन, उनके माता-पिता, भाई-बहनों, रिश्तेदारों और दोस्तों पर ध्यान भी केंद्रित करना होगा। ये सभी लोग उस शादी में शामिल होते हैं। क्या आप उन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं? इसी तरह आपको ग्राहकों के अवसर, प्रसंग, आयु, के हिसाब से उपहार और आभूषण खरीदने के मौको को भुनाने की कोशिश करनी चाहिए । अलग-अलग तरीकों से ग्राहकों को जोड़कर अपनी बिक्री बढ़ाने के तरीकों को बढ़ाना चाहिए।

कंटेंट मार्केटिंग

आभूषण व्यापार का हिस्सा सिकुड़ रहा है, इसका एक कारण यह है कि यह कोनटेन्ट मार्केटिंग (सामग्री विपणन) पर ध्यान केंद्रित नहीं करता है। ज्वैलर्स के लिए सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी यात्रा, फैशन और वित्त उद्योग है। दुनिया में सबसे भरोसेमंद संपत्ति और उच्चतम निवेश पर प्रतिफल देने के बावजूद, हमारा उद्योग यात्रा पैकेज, महंगे गैजेट्स, म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को सोने एवं आभूषण में निवेश करवाने में विफल हो रहा है। प्रत्येक जौहरी को अपने ग्राहक के वर्गीकरण और उनको जोड़ने की रणनीतियों के आधार पर विषय वस्तु या कंटेंट बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा यदि वे अपने ब्रांड के प्रति ग्राहक वफादारी का निर्माण करना चाहते हैं।

डिजाइनिंग और निजीकरण

हर कोई इस बात से सहमत है कि ग्राहक हमारे से बारंबार खरीदी करें और हम उसे अपना ग्राहक बनाए रखें जिसके लिए प्रोडक्ट की डिजाइन सबसे महत्वपूर्ण है। लेकिन आज का ग्राहक इंटरनेट, टीवी और सोशल मीडिया के अत्यधिक संपर्क के कारण ज्वेलरी डिजाइन के मामले में विकसित होने से उन्हें हमारे साथ बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। अतः इससे निपटने के लिए ज्वेलर्स को तकनीक की मदद लेकर डिजाइनिंग को उनके व्यक्तित्व से जोड़ना होगा और व्यक्तिगत अनुभव करवाना होगा। आज के ग्राहक चाहते हैं कि जो आभूषण वो पहने उसमें उनका व्यक्तित्व झलके और कोई कहानी बयां करें ।

कर्मचारीयों को डिजिटल राजदूत बनाना

किसी भी व्यापार में बिना कर्मचारी के हम उसकी कल्पना नहीं कर सकते। कर्मचारी हमारे व्यापार में रीढ की तरह होते हैं लेकिन हम उन्हें सशक्त नहीं बनाते हैं। ज्वैलर्स को अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना होगा जिससे वो ग्राहकों को व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम, लिंक्डइन, ट्विटर, लाइव वीडियो आदि पर डिजिटल रूप से संलग्न करें। ऑनलाइन ब्राउज़िंग में वृद्धि के साथ, हमारे अधिकांश ग्राहक मोबाइल पर हर रोज 5-8 घंटे खर्च करते हैं। आपके कर्मचारी इन समय के दौरान उन्हें अपने प्रोडक्ट और सेवाओं के बारे में बता सकते है, जोड़ सकते और उनका विश्वास जीत सकते हैं ।

स्मार्ट स्टॉक प्रबंधन

ज्वेलरी व्यापार करने के मायने और पैमाने बदल रहे हैं, ग्राहकों की पसंद और वरीयता बदल रही है अतः ज्वेलर्स को अब पहले की तरह अपने इन्वेंटरी को और बढ़ाना आसान नहीं होगा। इसलिए सभी को अपने ग्राहकों के आंकड़ों एवं बिक्री के पूर्वानुमानो के अनुसार योजनाएं बनानी होंगी । कितना स्टॉक तैयार रूप में रखना है और कितना माल अपने सप्लायर के पास से ऑन अप्रूवल पर मंगवा कर दिखाना है उन सब की भी योजना बनानी होगी।

तकनीक का उपयोग आपको अपने ग्राहकों को विविधता प्रदान करने, डेटा विश्लेषण और पूर्वानुमान की मदद से उनकी आवश्यकताओं को विभाजित करने में सक्षम कर सकता है।

कई ज्वैलर्स अकसर सोचते हैं कि क्या ज्वेलरी की ऑनलाइन बिक्री संभव है? यह तभी संभव है जब आप संगठित रूप से अपने प्रोडक्ट और सेवा में गुणवत्ता, सेवा, विश्वास और सुविधा का निर्माण करते हैं।

ग्राहकों को नियमित रूप से जोड़े रखने के लिए सभी टेक्नोलॉजी उपकरणों का उपयोग करना होगा, जो आपको कहीं भी, किसी को भी सेवा देने में सशक्त करता हो।

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संपादकीय : करण जगानी, 2016 से मुंबई मे तनिका टेक ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड में निर्देशक हैं , और आभूषण उद्योग 4.0 (उद्योग में व्यवधान के अगले चरण) को सशक्त और सक्षम बनाने के लिए 2016 से टेक्नोलॉजी उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं।