Jewellery, Technology

अनिवार्य परिवर्तन: ज्वैलर्स को कोविड युग को अपनाकर आगे बढ़ना होगा ।

(कई हिंदी भाषी ज्वैलर्स की माँग पर इसे हिंदी में अनुवाद कर फिर से प्रेषित कर रहे हैं।)

आभूषण उद्योग पिछले कई वर्षों से चुनौतियों का सामना कर रहा है जैसे एक्साइज टैक्स, डिमोनेटाइजेशन, जीएसटी, सोने के दामों में वृद्धि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा आदि । इन चुनौतियों से उबरने के लिए, ज्वैलर्स ने केवल डिस्काउंट्स, सेल, अधिक वॉल्यूम पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण अनावश्यक प्रतिस्पर्धा और पतले मार्जिन को बढ़ावा मिला है, जिसने व्यवसायों को अस्थिर और अलाभकारी बना दिया है। COVID लॉकडाउन ज्वैलर्स को 2 साल पीछे ले जाएगा, लेकिन इसने हमें अगले 10 वर्षों के लिए तैयार होने का का समय भी दिया है। हमें अपने व्यवसायों को संचालित करने में बड़े बदलाव की आवश्यकता होगी।

आधुनिक तकनीकों को अपनाना

टेक्नोलॉजीको अपनाना अब कोई विकल्प नहीं है, हर जौहरी को व्यापार में बने रहने के लिए और आगे बढ़ने के लिए नए प्रयोगों और तकनीक को अपनाना होगा, क्योंकि आज सभी स्तर के ग्राहक मोबाइल और तकनीक के जानकार हैं । इसी कारण कई उद्योग उन्हें अपने अनूठे प्रस्ताव के साथ अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं और खींच रहे हैं , जिससे जो पैसा आभूषणों को खरीदने या निवेश करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था वह अब वहां पर खर्च किया जा रहा है।

आधुनिक कंप्यूटर तकनीक का उपयोग केवल अकाउंट के रख रखाव, ईआरपी, ग्राहक सेवा आदि जैसी व्यावसायिक प्रक्रियाओं के प्रबंधन तक सीमित नहीं है, लेकिन आज, यह आपको बुद्धिमान डेटा प्रदान करता है जैसे कि आपके कौन से ग्राहक किस डिजाइन में रुचि रखते हैं, उनका बजट क्या है, कब वे कुछ खरीदने की सोच रहे हैं, कब उनके पास खरीदने के लिए पैसा होता है । आज कई प्रकार के उपकरण और संसाधन हैं जो कंपनियों को उन ग्राहकों को खोजने में मदद करता है जो खरीदना चाहते हैं या खरीद सकते हैं। बड़ी रकम खर्च किए बिना ऑटोमेशन और तकनीक का इस्तेमाल ज्वैलर्स को बड़े ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में, व्यापार में मजबूती के साथ टिके रहने और उसे बढ़ाने में सक्षम बनाएगी।

ग्राहको का वर्गीकरण एवं उन्हें जोड़े रखना

टेक्नोलॉजी की तरह, 90% से अधिक भारतीय ज्वैलर्स अपने ग्राहक के वर्गीकरण या सेगमेंटेशन और एंगेजमेंट स्ट्रैटेजी के साथ तैयार नहीं हैं। ज्यादातर ज्वैलर्स बिक्री बढ़ाने के लिए केवल ब्याह- शादी के ग्राहकों और डिस्काउंट्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ग्राहको का वर्गीकरण सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है जो आपको उन ग्राहकों की पहचान करने में मदद करता है जिन पर आपको ध्यान केंद्रित करना है और उनके साथ जुड़ना है। अगर ज्वैलर्स केवल शादियों पर ध्यान केंद्रित करना है, तो साथ ही उन्हें दूल्हा-दुल्हन, उनके माता-पिता, भाई-बहनों, रिश्तेदारों और दोस्तों पर ध्यान भी केंद्रित करना होगा। ये सभी लोग उस शादी में शामिल होते हैं। क्या आप उन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं? इसी तरह आपको ग्राहकों के अवसर, प्रसंग, आयु, के हिसाब से उपहार और आभूषण खरीदने के मौको को भुनाने की कोशिश करनी चाहिए । अलग-अलग तरीकों से ग्राहकों को जोड़कर अपनी बिक्री बढ़ाने के तरीकों को बढ़ाना चाहिए।

कंटेंट मार्केटिंग

आभूषण व्यापार का हिस्सा सिकुड़ रहा है, इसका एक कारण यह है कि यह कोनटेन्ट मार्केटिंग (सामग्री विपणन) पर ध्यान केंद्रित नहीं करता है। ज्वैलर्स के लिए सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी यात्रा, फैशन और वित्त उद्योग है। दुनिया में सबसे भरोसेमंद संपत्ति और उच्चतम निवेश पर प्रतिफल देने के बावजूद, हमारा उद्योग यात्रा पैकेज, महंगे गैजेट्स, म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को सोने एवं आभूषण में निवेश करवाने में विफल हो रहा है। प्रत्येक जौहरी को अपने ग्राहक के वर्गीकरण और उनको जोड़ने की रणनीतियों के आधार पर विषय वस्तु या कंटेंट बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा यदि वे अपने ब्रांड के प्रति ग्राहक वफादारी का निर्माण करना चाहते हैं।

डिजाइनिंग और निजीकरण

हर कोई इस बात से सहमत है कि ग्राहक हमारे से बारंबार खरीदी करें और हम उसे अपना ग्राहक बनाए रखें जिसके लिए प्रोडक्ट की डिजाइन सबसे महत्वपूर्ण है। लेकिन आज का ग्राहक इंटरनेट, टीवी और सोशल मीडिया के अत्यधिक संपर्क के कारण ज्वेलरी डिजाइन के मामले में विकसित होने से उन्हें हमारे साथ बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। अतः इससे निपटने के लिए ज्वेलर्स को तकनीक की मदद लेकर डिजाइनिंग को उनके व्यक्तित्व से जोड़ना होगा और व्यक्तिगत अनुभव करवाना होगा। आज के ग्राहक चाहते हैं कि जो आभूषण वो पहने उसमें उनका व्यक्तित्व झलके और कोई कहानी बयां करें ।

कर्मचारीयों को डिजिटल राजदूत बनाना

किसी भी व्यापार में बिना कर्मचारी के हम उसकी कल्पना नहीं कर सकते। कर्मचारी हमारे व्यापार में रीढ की तरह होते हैं लेकिन हम उन्हें सशक्त नहीं बनाते हैं। ज्वैलर्स को अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना होगा जिससे वो ग्राहकों को व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम, लिंक्डइन, ट्विटर, लाइव वीडियो आदि पर डिजिटल रूप से संलग्न करें। ऑनलाइन ब्राउज़िंग में वृद्धि के साथ, हमारे अधिकांश ग्राहक मोबाइल पर हर रोज 5-8 घंटे खर्च करते हैं। आपके कर्मचारी इन समय के दौरान उन्हें अपने प्रोडक्ट और सेवाओं के बारे में बता सकते है, जोड़ सकते और उनका विश्वास जीत सकते हैं ।

स्मार्ट स्टॉक प्रबंधन

ज्वेलरी व्यापार करने के मायने और पैमाने बदल रहे हैं, ग्राहकों की पसंद और वरीयता बदल रही है अतः ज्वेलर्स को अब पहले की तरह अपने इन्वेंटरी को और बढ़ाना आसान नहीं होगा। इसलिए सभी को अपने ग्राहकों के आंकड़ों एवं बिक्री के पूर्वानुमानो के अनुसार योजनाएं बनानी होंगी । कितना स्टॉक तैयार रूप में रखना है और कितना माल अपने सप्लायर के पास से ऑन अप्रूवल पर मंगवा कर दिखाना है उन सब की भी योजना बनानी होगी।

तकनीक का उपयोग आपको अपने ग्राहकों को विविधता प्रदान करने, डेटा विश्लेषण और पूर्वानुमान की मदद से उनकी आवश्यकताओं को विभाजित करने में सक्षम कर सकता है।

कई ज्वैलर्स अकसर सोचते हैं कि क्या ज्वेलरी की ऑनलाइन बिक्री संभव है? यह तभी संभव है जब आप संगठित रूप से अपने प्रोडक्ट और सेवा में गुणवत्ता, सेवा, विश्वास और सुविधा का निर्माण करते हैं।

ग्राहकों को नियमित रूप से जोड़े रखने के लिए सभी टेक्नोलॉजी उपकरणों का उपयोग करना होगा, जो आपको कहीं भी, किसी को भी सेवा देने में सशक्त करता हो।

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संपादकीय : करण जगानी, 2016 से मुंबई मे तनिका टेक ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड में निर्देशक हैं , और आभूषण उद्योग 4.0 (उद्योग में व्यवधान के अगले चरण) को सशक्त और सक्षम बनाने के लिए 2016 से टेक्नोलॉजी उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं।

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